५९७ · अपरिचित · १५/८/२६, ०१:१९ पूर्व · 0 टिप्पणी किसी का मालिक होने से पहले ये ज़रूर सोचना कहीं तुम ही ग़ुलाम तो नहीं होने जा रहे